Salma Noorani and Dr. Farzana Munawwar
इस लेखन मे हम यह यह जानेंगे कि किस तरह आजकल के दौर मे समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण के आधार पर शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है। क्योंकि आधुनिक समय मे यह एक बहुत ही सरल समझा जाने वाला तथ्य बन चुका है। समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण को एक समान रूप में नहीं देखा जा रहा है। शिक्षा का निजीकरण होने के कारण से ही हमे इन सभी समस्याओं को देखना पड रहा है। इस लेखन मे हम शिक्षा के निजीकरण के कई विशेष तथ्यों पर ध्यान देंगे।
Pages: 121-124 | 773 Views 233 Downloads